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बिज़नेस शुरू करते ही सबसे बड़ा कन्फ्यूज़न टैक्स और लीगल कंप्लायंस का होता है। इस ब्लॉग में आसान भाषा में समझें कि एक नए व्यापारी को सबसे पहले GST नंबर लेना चाहिए या इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करना शुरू करना चाहिए, और इन दोनों में क्या अंतर है।
क्या आप भी अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए लोन लेना चाहते हैं? कई व्यापारियों को लगता है कि लोन मिलना मुश्किल है, लेकिन सच यह है कि सही GST रिटर्न और ITR आपकी बहुत मदद कर सकते हैं। इस ब्लॉग में जानिए कैसे टैक्स कंप्लायंस आपको बैंक से जल्दी और बिना परेशानी के बिज़नेस लोन दिलाने की चाबी है।
"एक व्यापारी के तौर पर आपका फोकस सेल्स बढ़ाने पर होता है, लेकिन टैक्स कंप्लायंस की कानूनी जिम्मेदारी आपकी ही है। किसी और के भरोसे अपना व्यापार छोड़ने के बजाय, इस गाइड में जानिए 10 ऐसे सटीक तरीके जिनसे आप खुद चेक कर सकते हैं कि आपका टैक्स प्रोफेशनल सच में सही काम कर रहा है या आपको भविष्य के किसी बड़े खतरे में डाल रहा है।"
हर व्यापारी अपने बिजनेस को बढ़ाना चाहता है, लेकिन कई बार सिर्फ कागजों की कमी से बैंक लोन रिजेक्ट हो जाता है और सपने टूट जाते हैं। इस ब्लॉग में एक सच्ची कहानी और आसान भाषा में समझें कि लोन पास कराने में आपकी ITR और GST रिटर्न कितनी बड़ी ताकत बन सकते हैं। अपने कागजों को अपना हथियार कैसे बनाएं, जानने के लिए पढ़ें।
क्या आपका GST और ITR टर्नओवर मैच नहीं हो रहा है? आज के डिजिटल युग में AIS के जरिए एक रुपये का अंतर भी इनकम टैक्स और GST विभाग की नजर में आ जाता है। इस ब्लॉग में आसान भाषा में समझें कि टर्नओवर मिसमैच के क्या नुकसान हैं, ASMT-10 नोटिस क्यों आता है, और Reconciliation के जरिए अपने व्यापार को कैसे सुरक्षित रखें।