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क्या नदी में जलमग्न होने के बाद जमीन पर आपका अधिकार खत्म हो जाता है? पढ़ें पटना हाईकोर्ट का अहम फैसला जो कोशी नदी से बाहर आई जमीन के सर्वे और अधिकार अभिलेख से जुड़ा है।
क्या आप जानते हैं कि एक अनरजिस्टर्ड वसीयत (Unregistered Will) भी पूरी तरह मान्य हो सकती है? पटना हाईकोर्ट ने First Appeal No. 531 of 1981 में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाकर स्पष्ट किया है कि केवल पंजीकरण न होने के आधार पर प्रोबेट केस को खारिज नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट के नवीनतम दृष्टांतों के प्रकाश में इस ब्लॉग में जानें कि रायती/कृषि भूमि के मामले में वसीयत की सत्यता कैसे जांची जाती है और प्रोबेट की क्या अहमियत है।
क्या कोई पत्नी केवल इस आधार पर अपना 498A या दहेज उत्पीड़न का आपराधिक मुकदमा दूसरे जिले में ट्रांसफर करा सकती है क्योंकि उसने अपना शहर बदल लिया है? 03 नवम्बर 2023 को Patna High Court ने (Criminal Miscellaneous No. 6335 of 2023) मामले में फैसला सुनाते हुए इसका उत्तर 'नहीं' में दिया है। माननीय न्यायालय ने स्पष्ट किया कि Section 407 CrPC के तहत केस का ट्रांसफर न्याय और गवाहों की सुविधा के आधार पर होता है, न कि किसी एक पक्ष की व्यक्तिगत सुविधा के लिए। 498A मामलों में केस ट्रांसफर के नियम समझने के लिए पढ़ें यह पूरी कानूनी व्याख्या।
क्या केवल मौखिक मृत्युपूर्व घोषणा (Oral Dying Declaration) के आधार पर किसी को हत्या का दोषी ठहराया जा सकता है? 09 अक्टूबर 2023 को Patna High Court की Division Bench ने Criminal Appeal Nos. 325, 456 & 481 of 2017 में एक महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए स्पष्ट किया कि कमजोर साक्ष्य, संदिग्ध गवाही और पुलिस की लचर जांच के आधार पर सजा नहीं दी जा सकती। इस लेख में जानें कि कैसे 800 गज दूर से आवाज सुनने के दावे और कपड़ों पर कट के निशान न होने के कारण कोर्ट ने अभियुक्तों को Benefit of Doubt देते हुए बरी कर दिया। यह क्रिमिनल लॉ और एविडेंस एक्ट को समझने के लिए एक मास्टरक्लास है।
क्या एक मृत व्यक्ति की आवाज़ अदालत में गूँज सकती है? बिना चश्मदीद के कोई कातिल कैसे पकड़ा जाता है? इस कोर्टरूम इन्वेस्टिगेशन डॉक्यूमेंट्री में जानिए Indian Evidence Act (अब Bharatiya Sakshya Adhiniyam) के उन 10 ऐतिहासिक मुकदमों की कहानी, जिन्होंने भारत की अदालतों में सबूतों और सत्य की परिभाषा ही बदल दी।